राजकोषीय घाटे को काबू में करने के लिए सरकार कर सकती है खर्च में भारी कमी, GDP Growth पर पड़ेगा ये असर

नईदिल्ली,रायटर्स।भारतसरकारचालूवित्तवर्षमेंअपनेखर्चोंमेंदोहजारअरबरुपयेतककीभारीकटौतीकरसकतीहै।टैक्सवसूलीमेंभारीकमीकोदेखतेहुएराजकोषीयघाटेकोस्वीकार्यसीमामेंरखनेकेलिएसरकारयहफैसलाकरसकतीहै।सरकारसेजुड़ेसूत्रोंनेयहजानकारीदी।सरकारअगरअपनेखर्चकमकरतीहैतोएशियाकीतीसरीसबसेबड़ीअर्थव्यवस्थाकीविकासदरऔरसुस्तपड़सकतीहै।निजीनिवेशघटनेसेदेशकीGDPGrowthपहलेहीछहसालसेभीअधिकसमयकेनिचलेस्तरपरपहुंचगईहै।

सरकारकेपाससीमितविकल्प

सरकारकेअधिकारीनेबतायाकिराजस्वमें2,500अरबरुपयेतककीकमीआनेकेबादराजकोषीयघाटाको'स्वीकार्यसीमा'मेंरखनेके लिएसरकारकेपासबहुतविकल्पनहींबचेंगे।इससालमांगमेंकमीऔरकंपनियोंकीआयघटनेसेइससालटैक्सकलेक्शनमेंभारीकमीआईहै।विश्लेषकोंकाकहनाहैकिसरकारकेखर्चमेंकमीकरनेसेआर्थिकवृद्धिकीरफ्तारकोधक्कालगेगा।

अक्टूबरसेखर्चमेंकमी

सरकारनेनवंबरतक27.86ट्रिलियनरुपयेकेव्ययलक्ष्यका65फीसदतकखर्चदियाहैलेकिनसरकारीआंकड़ोंकेमुताबिकअक्टूबरऔरनवंबरमेंसरकारीखर्चोंमेंकमीआगईथी।अगरसरकारअपनेखर्चमेंदोहजारअरबरुपयेकीकटौतीकरतीहैतोयहकुलव्ययलक्ष्यकासातफीसदहोगा।

L&TFinancialमेंमुख्यअर्थशास्त्रीRupaRegeNitusureनेसरकारद्वाराखर्चेमेंकमीकीयोजनापरकहा,''जबनिजीनिवेशमेंइतनीकमीआईहैतोइसफैसलेसेआर्थिकविकासकीगतिऔरसुस्तपड़जाएगी।''

इतनाहैराजकोषीयघाटेकालक्ष्य

सूत्रोंकेमुताबिकसरकारकीयोजनाराजकोषीयघाटाकोGDPके3.8फीसदपरसीमितरखनेकीहै।इससेपहलेसरकारने3.3फीसदकालक्ष्यरखाथा।