पढ़ें तो कहां पढ़ें, क्लास पर वर्दीधारियों का कब्जा

खगड़िया।एकओरगुणवत्तापूर्णशिक्षाकेदावेकिएजारहेहैं।शिक्षणपद्धतिमेंबच्चोंकेमनोविज्ञानकाख्यालरखाजारहाहै।तोदूसरीओरजिलेकेमध्यविद्यालयबहादुरपुरमेंपुलिसपिकेटचलरहाहै।वहांकुलवर्गकक्षनौहैं।उनमेंसेचारपरपुलिसकाकब्जाहै।नामांकितछात्र-छात्रोंकीसंख्या841है।स्थितिकासहजअनुमानलगायाजासकताहै।संगीनोंकेसाएमेंपढ़रहेबच्चोंपरमनोवैज्ञानिकअसरपड़नास्वाभाविकहै।'पुलिसअंकल'उनकेक्लासरूमपरकाबिजहै।जबकिवेबरामदेपरपठनेकोविवशहै।क्याकहतेहैंविद्यार्थी

वर्गसातकीरोशनीकुमारीकहतीहैंकिविद्यालयमेंपुलिसरहतीहै,ऐसेमेंबच्चोंकेबीचडरस्वाभाविकहै।यहांवर्गएकसेआठतककीपढ़ाईहोतीहै।नौवर्गकक्षमेंसेचारपरपुलिसकाकब्जाहै।शेषपांचमेंआठक्लासतककासंचालनमुश्किलहै।एकवर्गकक्षमेंसप्तमऔरअष्टमवर्गकीपढ़ाईहोतीहै।वर्गसातकीहीरेखाकुमारीनेकहाकिदोक्लासकासंचालनएकरूममेंहोताहै।इसकारणसब्जेक्टकोफॉलोकरनेमेंपरेशानीहोतीहै।शौचालयपुलिसपिकेटसेसटाहुआहै,यहपरेशानीकाअलगकारणहै।क्याकहतेहैंप्रधानाध्यापक

प्रधानाध्यापकप्रभाकरहिमांशुनेबतायाकियहांपुलिसपिकेटसंचालितहै।चारवर्गकक्षमेंपुलिसपिकेटरनकररहाहै।मात्रपांचवर्गकक्षमेंहीएकसेवर्गआठकापठन-पाठनकिसीतरहसेकियाजारहाहै।ऐसेमेंपरेशानीतोहोतीहीहै।

विद्यालयमेंपुलिसपिकेटरहनेसेबच्चोंकेऊपरअनावश्यकभयबनेरहनेकीसंभावनाहै।वेमानसिकदबावमहसूसकरसकतेहैं।

-डॉ.एनपीठाकुर,सेवानिवृतरीडर,मनोविज्ञानविभाग,कोशीकॉलेज,खगड़िया

मुझेनहींमालूमहैकिमध्यविद्यालयबहादुरपुरमेंपुलिसपिकेटसंचालितहोरहाहै।इसकोलेकरपुलिस-प्रशासनकोलिखाजाएगा।

-सुरेंद्रकुमार,जिलाशिक्षापदाधिकारी,खगड़िया